जग बैर निकारे

जग बैर निकारै बहु भाँति।
एकहु चूकै ना मौका सतावन,बनि बनिकै सतावै सगै नाती।
बोली ताने दे कहै स्वारथी,कहै मोय दाग कुल - घाती।
चलावै जोर जे दिखावै आंखिन,मोरी मानै सबई झूठी बाती।
सबहु सहिकै ह्यौ बाट जोहवती,"प्यारी" अबहु पिय संग च्हाती।

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