उधौ बात
ऊधो बात
उधौ! हम श्याम जानिहौ एक।
काजर कोटर कारिख मिलिहै,ज्यौ छूबै हौय कारौ देख।
दूध ज्यौहि पानी मिलिहै,बिलग करे आप गवाय।
भाप बनी चाहै उडत जहिहै,नाही बिलग दूध करि जाय।
कोख मात कौ ललना हौय,पौषण माय सौ पावै।
त्यौ हम उधौ एक मोहन सौ,प्यारी एक देह जान है हौवै।
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