पसारे बैया

पसारै बैय्या
पसारै बैय्या कदै दैखिहौ पिया।
तडपू जलै बिनु मीना,आवौ जल बनिहै।
बिरहा पीर मैटियौ अज,आवन संगै रहिहै।
चंदन बन धावौ पिय,अंग लगै शीतल करिहै।
नैनन जलहु जौ बन जावू,पायन तौहरै ढुरिहै।
झरत झर झर अश्रु बूंदि,हा! नाथ संग रखिहै।
बिरथ दिनन रैन जावत,बेगि आय सुफल करिहै।
प्यारी सो जीवतो बनिहै न तुव बिन,करि चेरि निज धरिहै।

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