सुनौ जी नेक अरजा रमण पिया।
सुनौ जी नेक अरजा रमण पिया।
कही सुनी अब बात बिसारौ,देय देओ माफी तरसावौ ना जिया।
आछौ ना लागै रूठौ मौहडो,हसि कै नेक दीजौ हमकौ दिखा।
पाम परू मानू भूल ह्यौ अपनी,भई सगरी भूल मौ सौ मान लिया।
काँचै सूत सौ बंधी नाही तौ सौ,निज मन की बाँट बाती बाँध दिया।
छाडिकै नखरौ आवौ जी बेगि,"प्यारी" सहि ना सकै दूरी ओरि पिया।
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