नैन बिसरै
नैन बिसरै
नैन बिसरै श्याम कैसौ।
रंगै श्याम दीखत हरे अंगै,भगिहै दौरिहि जाद आवै।
पुतरी कारी नैन कारौ काजर,कारौ केश पिय संग मुस्कावै।
ढिठौना चिबुक कारौ लगिहै,कारौ तमाल श्यामहु दिखावै।
कौयलिया कारी दिखैहै,श्यामौ घनै घनश्याम सतावै।
रैन कारी अंधैर घनीहि,जाद पिय अति लाड दिरावै।
नाहि नाहि जाहवै बिसरै,पिय प्यारी अंग नैन समावै।
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