निन्दरा तो उन हाथ बिकानी
निंदरा तो उन हाथ बिकानी।
जिन नैनन बींधै दए उर,दए रूप सुधा ललचानि।
अरी गति मति रीति रति,लए अटपटे सब भरमानि।
भयौ जबतै नैनन रंग सुरंग,नींद कहो च्यू-इन ठौर समानि।
जई सौवत बीतै कोउ रैना,लागत गई बिरथई गमानि।
देखत हसि हसू आप आपकौ,"प्यारी" भई कहा दशा बिरानी।
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