मोते बोले नाहीं पिया
मौ ते बोले नाही पिया।
खीझ चढ्यौ जानै कौन बात कौ,खौले भेद नाही जिया।
नाही निकारै बोल एक मुख तै,मौन हो अधर सींव लिया।
पूछत हारी दोष भूल भई ह्यौ,बतइयौ कहा अपराध किया।
जानू नाही किस विधि मानै पि,सौचू भरिकै आवै हिया।
अबहु कहे "प्यारी" मान जावौ न,ऐजी बहौत सताय दिया।
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