सार तत्व

सार तत्व
जानि लओ सब रसहु कौ सार।
राधा नाम एकौ तत्व है,या सौ कछु ना होय रहार।
चारहु बेद पुराण आठ हौ,लोक तीनन जै ही सार।
कोटि कलप जुग छानत बीनत,पावै राधा नाम कौ न सार।
कृष्ण तत्व कौ सारहु राधा,जग सब तत्वन कौ सार।
कहत प्यारी राधा नाम जप मनवा,जाकौ कोउ न पायो पार।

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