रस भरी जोरी

रस भरी जोरी
रस भरी रंग रंगीली जोरी।
रस राज सबहु रस भरीही,रस बह्यौ हरि ओरि।
रस को सखी सब लता रसहु को,रस सबे पात्र होरि।
रस बातन रस पातन होयो,रस लता पता गोरि।
रस छैल छबिलो छैल बिहारी,रस रेशम राधा डोरी।
रसहु बोली कोकिल मोरा,शुक पपीहा को ओ री।
रस ही भरी प्रेम परीक्षा,लेवे प्यारी को जोरी।

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