महाने चाकरी दो लाला लाली चरणन की
म्हानै चाकरी दो लाला लाली चरणन की।
चरण पलोटू चरण पखारू चरणनई बसि जावू,खोलू नैननि इन्हुई देखू बंद नैननि इन पावू।
चलो दोरो चरणहु नीचै रज-बनिकै बिछी जावू,कबहु कबहु जावक बनि शीतल चरणनि दोउ सजावू।
रस केलि निभृत ठाडेई पग सौ खेल करावू,"प्यारी"जबलौ दोमै एक होवे तबलौ लाड लडावू।
Comments
Post a Comment