डाली डौल जमुना तीर पै।

डाली डौल जमुना तीर पै।
झूले जोर जल जमुना कै ऊपर,दैखे छबी रंगीली नीर मे। 
उडै बसना भूषण पौन जोर सौ,उडै उरझै आपस रीझ के। 
ऊँचै अधिक अति भीती भई प्यारी,पिय लिपटी उरई भीत ते।
आनंद सुख नैनन उर "प्यारी" कै,छूवै दरशन औषध पीर पे।

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