बिहारिन पद तल में

बिहारिन! पद तल में उलझै बिहारी।
विहरत कुंजन जबई अटकि गई,प्यारी पायल सौ घाघर किनारी।
जतन करि कई नाहि छुडिहै ,पिय धरिकै जंघा ली संभारी।
छूवत पद तल बिसरै सुधिही,बात पिय दई सबई बिसारी।
उमगि पिय चहै झरनौ पियकौ,चहै प्यारी पद करन पखारी।
"प्यारी"धन जीवन चरणन इनकै,जोरि चरणनि जावू बलिहारी।

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