बाल क्रीड़ा
बाल क्रीडा
लाला संगै जशोदा खेलै छुपा-छुपाई।
अंगना लाल संगै मैय्या दोरी,कहिहै नैन मूंदियौ माँ मौरी।
जबै लौ ना कहवू खौलिहौ नाय,मौय छुपन दै अरी माई भौरी।
चोरी री मैय्या नाय मौ संग करिहौ,छुप दैख्यू सबै चोरी चोरी।
दौडि लाल स्तंभ पाछै छिपिहै,जाने न दिखिहै पीत पटो री।
झूठै चिबुक माई बिचारै कहवै,जानै कहाँ छिपिहौ ललना मौरी।
इत्त उत्त डौले पकरिहै नाय,कहवै हारी लाल माई थक्यौ री।
सुनत कर पीटत हसत लाल आयौ,अजहु हमै माई जीत्यौ री।
बलि बलि बाल लीला नटनागर,प्यारी कबहु ऐसौ दरस करयौ री।
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