जिस विधि राखो

जिस विधि राखो
जिस विधि राखो रहू जी गिरधर।
जल राखो जौ मीन बनाय,रहवू चरणा नित लौ लगाय।
पौन राखौ धूरि बनाय,रहवू चरणा लिपटि जाय।
राखो अनल प्रियवर ज्यौहि,रहवू बिरह तपन तपाय।
नभ जोई हमकौ राखियौ जी,नील बरण तौ जान लपटाय।
धूरि मिलाय धूरि करो प्यारी,चरणा नाही हेत हटाय।

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