युगल दूल्हा दुलहिन लीला
युगल दूल्हा दुल्हिन लीला
नव दूल्हा नागर हौ दूल्हिन नागरी।
सेज सखि सबै मिल,फूलन सौ सजाई री।
जोरी दूल्हा दुल्हिन कौ,लावत बैठायी री।
बसन कोऊ संम्हारती,कोऊ बीरी लई ठाडी री।
लेवत बलैय्या कोउ,दोउ हिल मिलावल बाढी री।
प्रीत दुई रंगै पगे,प्रीत को खिलौने री।
प्यारी झौरे बैठी ताई,नजरा उतारै री।
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