मोय सजा देओ श्याम सिंगारी
मोय सजा देओ श्याम सिंगारि।
नैन लगा देओ रूप उन कजरा,द्युति नैनन उन देओ लगारि।
अधर वाणी रस सरस सजा देओ,बोलू ज्योई त्योई नाम झरयौ-रि।
घ्राणन सजावौ जी अंग उन सौरभ,भरयौ श्रृवणा नाम रमणौ-रि।
भरि देओ अंगनि गाढै पिय "प्यारी",ऐसौ भरयौ छूटै नाय कदिहु-रि।
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