रस भीजै

रस भीजै
श्याम श्यामा भीजै नेह रंगौ,नैन भीजै रस सौ दैहि।
नाहि दीखै छुवै दुई हौ,रंगरस बहवै पौर पौरि।
हिय बिलसै मौद हौहै,कैसौ सरसर करै रौम कौरि।
नाहि दैखौ नाहि छूहौ,दुई छूहै हौहै एक जौरि।
नाहि जानौ नाहि पीबौ,छकै जैहि बढै पिपास ओरि।
नाहि कहिहौ कछु कहिहौ,चुप ठाडौ जीयौ जौरि।
कहा कहनौ कहा सुननौ,नाहि जानू बकू कौरि।
तौसौ कृपा तौहि करिहै,नाहि दाबिहौ दूजौ देहरि।

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