विहरत आम्र-कुंज लली लाल।

विहरत आम्र-कुंज लली लाल।
भई घौमत थकित लाडली,भरि अंक लाडलौ बैठाई डाल। 
आप खडे सम्मुख मुखकै,लजा लली मुख लई झुकानि।
पुनि दाखि पलकनि ओटसौ,तबहु प्यारौ हसै दसन दिखानि।
पुलकित जल पूरित नयना,जैसेई पद लाल उर लागा।
डारी भुज माला पियकौ,"प्यारी" लाल जानै आजु बडभागा।

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