नैनन बलिहार

नैनन बलिहार
बलिहारी हौ,नैनन पे नंदलाल।
नैन जोई कटारे गढत हियारे रंग रंगीलौ लाल।
दृगन मछरी सो नैन सैन मारे उरझे लट घुंघराल।
नैन छबि बसिहौ गौरी श्यामा कौ छिपाये रखत हौ लाल।
प्रीत भरे दुई कजरारे नैना करत हिय कू बेहाल।
प्यारी देखि कबहु नैनन जोरी कबहु भयो हु निहाल।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया