पधारो म्हारो बींध
पधारौ म्हारो बींद
सजावू हिय मधुबन,पधारौ जी म्हारौ बींद।
बनि दूल्हा म्हारौ साँवरौ आयौ,शीश पगा सौहणी बड्यौ सजायौ।
गल बनमाल सजीली सौही,मद मलंग गज चलत चाल आयौ।
नैन कटारी हिय बींध्यौ जावै,मुस्कन टोना कौन मुखै कहायौ।
जिन प्यारौ वारी गोपियन जावै,अंगना आय मोय भाग लगायौ।
जबसौ छबि नैन उरहि बसिहै,कजरा सुरमा नाय सुहायौ।
प्यारी कैसी प्रीत लगाय कर दीन्ही,बिनु थारै दूजा ना कोऊ सुहायौ।
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