असाधारण नायिका राधा
असाधारण नायिका राधा
जानिहै नाय साधारण नायिका राधा।
सदा स्वयं गुणहीन जानती,सर्व गुणन खान है राधा।
प्रियतम सुखै सुखी रहवती,देती सदा नेह दान है राधा।
स्व कर दूसर सखी सेज सजावती,ऐसो प्रितम सुखै सुखी है राधा।
प्रियतम हितही मान धारती,दुई तन एकहु प्राण है राधा।
सदा पिय हिय बात जानती,सदा रमणी हिय श्याम है राधा।
प्यारी रति सो सुख पिय सदा देती,सदा सर्वदा निष्काम है राधा
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