श्वास बिक्री
श्वास बिक्री
बैर पडी श्वास बेच दू हाट।
जानत हमहु बिलग नाय तौ सौ,तबहु बिरह खाई ना जावौ पाट।
श्वास श्वास जादहु अयी जावै,कबहु श्वास न आवै हौवे बात।
ता दिन सो सब बैर पड्यै है,तौ सो नैना मिलाय भई रात।
आवन सो भोरहु हुयी जावै,पुकारै प्राण प्राण प्राणनाथ।
या कहि जावौ प्राण बेचि दू,कोऊ मिले लई जावे साथ।
जानत हू सब जुक्ति तिहारी,देय जग भग जावौ आप।
मधुसूदना नाय छल मोय करियौ,नाय दीज्यौ प्रेम प्यारी नाप।
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