बरजोरे हरि

बरजौरै हरि
बरजौरै हरि!मारै न रौवन देय।
आपु आप निकट बुलावै,च्ह्यू आप ना आवन देय।
दूरि देख मुस्कात रहिए,मोय भर नैन पीवै ना देय।
जौरा की चलत सब जग मा,मारै नाय रोवन देय।
हमहु न लाल निरबल जानौ,बलवान तैरौ बल हम होय।
अबकी बैर तौरी एक न सुनिहै,प्यारी सुधि नाय खोवन देय।

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