लाल सँग ठिठोली पद

लाल संग ठिठोली पद
आजु लली तोहै बनावू नंदलाल हौ।
जनमा को कसर निकारू नंदलाल हौ।
सर दऊ चोटी,कटि कंचुकी धरावू।
झूठौ सो कूच,फल कंदब लगावू।
तौहै लहंगा धराउ खूब घूम घमाल हौ।
लाली कपोल तोरे,अधर लगावू।
अंजन नैन मा,रेख सजावू।
टीका माँग को धराऊ जडवाल हौ।
कंकन हाथ तेरो दोउ सजावू।
पैजनिया पग नुपुर सौ सौ जडाउ।
चूनर औढाय तोहै कर दउ बेहाल हौ।
बनाय सखी झौरे अपने बैठावू।
नीको सो घूंघट तेरौ हटावू।
सिखाय दउ तोय आजु लाज लजाल हौ।

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