सदा सद्गुरु रखियो
सदा सदगुरु रखियौ चरणनि नीकौ।
भलौ बुरौ चाहै जैसों बनावौ,ओर डोर कोउको सौंप ना दीजौ।
भजन मनन दिन रैन करावौ,जोरि सेवाहु श्वासन भोजनि कीजौ।
हित अहित सब तुम्हु जानौ,तऊ बाल मति जानि सुनिहि लिजौ।
"प्यारी" बिनती चरणनि दोऊ कर जोरी,हित जोरि सेवा मोय कुसुमनि किजौ।
Comments
Post a Comment