हमसौ मिल्यो

हमसौ मिल्यौ
मोहना कदै हमसौ मिल्यौ।
साध संतन झौरै पैठै,हमसौ कौन गिल्यौ।
गोप ग्वालिन पाछै फिरहौ,हिय हमार आवौ।
सबकू दरस दीयौ भर भरहि,हमसौ काहै धावौ।
ऐसौ न बात बनत माधौ,हमहौ अपनौ करौ।
तुमही हमरै चित्त पैठौ,हम आपनौ चित्त धरौ।
बिन बात रूसै मौ सोही,हिय भेद तो कहौ।
मग जौहवती भई बाँवरी,प्यारी बाँह गह लहौ।

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