जैसेई लली सेज तज
जैसेई लली सेज तज चलिहै,लाल जु जानि जानि ओर ढुरिहै।
चली बलखावत तऊही अडिहै,गठ जोडा पट चूनर जो करिहै।
पट दाबै पिय चूनरहु खिचिहै,लाल भई लाली लाज सौ लजिहै।
पूछै सखी ललिते चिबुक पलौटिहै,च्यौ लली हमसौ लाजहु करिहै।
झुका आनन मुस्का प्यारी परिहै,देखि देखि "प्यारी" आनंदहु भरिहै।
Comments
Post a Comment