कागा काय

कागा काय
कागा रे काय लगावै टेर।
काय काय पूछतो कौन सौ कागा,गयो कौउ तजहु का तोय।
कह तो बात ह्रदय की हमसौ,पिय ने बिसार दिन्ही का तोय।
हमरै जैसौ ही पूछतौ पिय सौ,काय काज तज दी रे मोय।
बड्यै दिना पिय सो हमहु टेरे,मिल्यौ न कोऊ बात सुननो।
सुने नाय पिय हमारौ कदै,तेरौ सम कद सौ हम कहनौ।
प्यारी बिनु टेेरिहै नाहि जिवै,जीये टेरे नाहि तो है मरनौ।

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