रस जडता लाल अंग आनि।

रस जडता लाल अंग आनि।
बिथुरी अलक छूटि गई चूनर,तापै पलक गिराय लली मुस्कानि।
लटक झुकन गरदन की देखि,रहै रोम रोम लाल पुलकानि।
छूवत सजग भए लाल रंगिलौ,निकट रंगीली अधर रहै आनि।
अनंग केलि गए रस डूबै,"प्यारी" भौर लौ रहे डूबानि।

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