पिय रिसाय री सखी री

पिय रिसाए सखी री मै तो।
बात सुनु सखी एक दिवस की,सखी कौ हाथ संदेशो बुलाई।।अरी० पिय रिसाए सखी री मै तो।
आस पोडोसनि सखी सहेली,ऐरी बातन लई मोहि उरझाई।।अरी० पिय रिसाए सखी री मै तो।
कुल-कुल करै जरौ जाय जिवरा,उत्त पिय रहै मारग अकुलाई।।अरी० पिय रिसाए सखी री मै तो।
जस-तस री छडी छाडिकै दौरि,पिय गये लुकि अतिही सताई।।अरी० पिय रिसाए सखी री मै तो।
घिरी धरनी जबही नाय देखी,पिय पिय कहि नैन बहि जाई। ।अरी० पिय रिसाए सखी री मै तो।
देखि दशा ‌बनी बात बिगरती,पिय आय अंक मोय ली ठाई।।अरी० पिय रिसाए सखी री मै तो।
"प्यारी" बलिहारी अरी ऐसी रिस कै,जोई पिय री देवै मिलाई।।अरी० पिय रिसाए सखी री मै तो।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया