रंगे रंग गुलाल

रंगे रंग गुलाल लाली लाल।
डोलत पाछे जो भजे आज आगै,भजे पाछे लेईकै प्यारी गुलाल।
बतिया करी मीठी प्यारी फुसलाई,लई कहकै निहत्थो बनाई ढाल।
देवन आधो कर रही फैलाए,पिय पकरै दीन्है पौन उछाल।
बरसत रस सुख नेहा योई,रहै "प्यारी" कृपा रस मालामाल।

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