ज्योई मुरि कै लली मुस्कानि।

ज्योई मुरि कै लली मुस्कानि।
गुनि अनगिन शोभा गई बाढि,हसि कै जोई दसन दिखानि।
थिर गति हियकी पिय कै होई,देखि रसिकनि रस की खानि।
भई "प्यारी" दशा देख बाँवरी,तऊ पिय की कहै किस बाणि।

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