प्राणन प्यारी

प्राणन प्यारी
मम स्वामिनि प्राणन प्यारी।
राधिके गौरी नवल किशौरी,करिहौ कृपा वृषभानिके भौरी।
दीन जानिहै चरण लगावौ,टहल दीजियौ मौहि तौहरी।
कान पड्यी कौ नाहि बिसारौ,सुनिहौ बिनती अधमन कौ री।
जुगल जौरी मौहि सैबा दीजिहौ,कर रखिहौ निज चरणन चेरी।
हौ तौ अधमन हौ तिहारौ,बिसरावौ नाही आपनौ प्यारी।

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