एजी मण भाया गोपाल
ऐजी,मण भाया गोपाल।
ऐ...जी,मण भाया गोपाल।
वोई मोर पखा लहरावनी सौहनी,नैननि अतिव बिशाल।
श्याम बरण वोई तम तौ कारौ,मुस्कनि मधुर उजाल।
कर पकरनि वोई सरस मुरलिया,पटकौ कांधौ डाल।
कछुक कटिली वोई टेढी कमरिया,नाचत पग सम ताल।
ऐजी बसौ यौई उर म्हारै आय,"प्यारी" किजौ निहाल।
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