बदली याद उन घिरि फिर

बदली याद उन घिरि फिर आई।
जाय परदेसा बिसार दिए ह्यौ,जानत तऊ आस आवन ना जाई।
लाख समझाई उर पिय निर्मोही,उल्टोई यानै दई मोय समुझाई।
जई जई आवै उरहु जरावै ,  तबहु उर राखै याए लिपटाई।
थारी पीर भली जगत प्रेम सौ,चहै देओ पीर "प्यारी" कीजौ ना पराई।

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