गोवर्धन पूजन
गोवरधन पूजन
पूजन चलिहै गोपिन गौवरधन।
भाँती भाँती पकवान बनायै,माट मटुकी भरिहौ सजाई।
कहै लाला गिरिराज हमार धन,सोई कारज सबै पूजन जाई।
गोधन पोषित गिरिराज करिहै,ताई अजु जीभर या कू जिमाई।
अचरज देैखिहै गोपी ग्वाल सब,ऐसोई गोबर्धन ऐसोई कन्हाई।
प्रकट होई पकवान पाये सबै,छप्पन व्यंजन भोग लगाई।
चरण शरण रखिहौ जी प्यारी,बिनती करत गिरधर ताई।
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