राधारमणा सुधि अब लो

राधारमणा ! मौरि अब सुधि लौ।
प्यारे रमणा ! मौरि अब सुधि लौ।
कहत बनै नाय बाणि उर बीति,बिनु कहेई पिय अब सुनि लौ।
नयन चुभै जग थारी म्हारी प्रीति,काढि इनकै नयन फाँस चुनि लौ।
आस दिलास अब काम नाय आवै,काटि फंद सब राखि संग तुम लौ।
बहौत सही अब ओरि नाय सहवू,"प्यारी" बिछोह मिटा मिलै पुनि लौ।

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