सेवा मिले
सैबा मिले
कबहु जगै भाग सेबा मिलिहै।
लै तूलिका चरण सजावू,जावक महावर साज सजावौ।
माल पुष्प अभिसार सजावू,नागर नागरि अंग मिलावौ।
देरि करत लाल ढूंढत जावू,लाय संग राधिके बिठावौ।
नृत गान सुमधुर बीणा,नित नव सुनाय जुगल रिझावौ।
करत भौज चवर ढुरावू,दौरि दौरि रूचि भौज परौसौ।
मीठौ रसीलौ बीरी लगावू,जुगल जौरि मुखै रखावौ।
करत ऐसौ भावराज टहल कौ,हिय अति चटपटी लगावौ।
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