अभिलाषा

अभिलाषा
नंद नंदन प्यारौ तौहै कौन दिना निरखूगी।
कौन दिना अलक घुंघराली अटक्येगा हिय।
कौन दिना नैन कजरारै मरि जावूगी।
मुस्कनि टोना कौन दिना लगिहै।
कौन दिना छबि साँवल सब तजूगी।
बंशी मधुर टेर राधा कब सुनिहै।
कबहु लचीली चाल लचक निरखूगी।
प्राण प्यारै नाथ कब दरसन दीजौ।
प्यारे कदै साँची तौरी प्यारी बनूगी।

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