नैन

नैन
नैन नौका नैन सिंधु नैनहु पतवार,डूबिहै तरिहै नाहि निकरिहै पार।
जोई लगै सोई सुफल जनमा,नाहि दैखिहै जीबन मरन बेकार।
हिय लगै जाकै कटार नैनन,हौवै सबन औषध बेसार।
मछरी नोक नुकीलै दुई तीरै,धसैे ऐसौ नैन हियहौ हमार।
छुटिहौ नाहि पलहु छिनहु,नाहि बिसरईयौ जानि कुसार।
सुनिहौ बिनती रस रसीलौ प्यारौ,गाढै रहिहौ जियकौ कटार।

Comments

Popular posts from this blog

हरि आए संग

कहा प्राणन

तुव बिन पिया