जरयो री बाती दी लौ जी

जरी ह्यौ जी,बाती दी लौ जी;भाँति पतंगा जरी,कहू सुनु किसै च्यौ जी।
कोउ नाय कही,आप आप गई;बेगि गई दोरि,दोष देवू काय उन जी।
तपै उननै अरी,मोय अपना लई;बात कहा जोई,करिकै निज छाडी मौ जी।
छाडी चहै छाडी,छूटौ मौते ना जी;लागी लगनहु रहै,रहू चहै जिस ओर जी।
"प्यारी" कहै थारी,प्यारी रहै थारी;झंझट लाख जुडै,तौते ना हौवे टस-मस जी।

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