पूछै बात

पूछै बात
पूछै राधा हिय को बात।
श्यामसुन्दर निकुंज पधारै,लिए कमल संग बंशी हाथ।
प्यारी लाड सो चिबुक पलोटत,पूछ रही हिय बात।
कहौ कैसौ प्यारौ टहल करू,कैसौ नेह लुटावू पूरी रात।
तुम मम जीवन प्राणप्रिये,कहे कान्हा पकरि लई हाथ।
दो नेहा को दान लाडली,बिनती प्यारी धरे कर माथ।

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