रूठी गयो सांवरिया
रूठि गयौ साँवरिया।
मौ-सौ री..........रूठि गयौ साँवरिया।
चकोरी सौ रूठिहौ चंदा प्यारौ,बैरन........का-की परी नाजरिया।
कंठ अटकि गयौ प्राण हमारौ,नैनन...........लागी झरी साँवनिया।
मै-ना लडी सखी ना-ही सताई,ना-ही.........लिन्ही चुराय बाँसुरिया।
तऊ भूलि बिसरी भूल भई-तौ,छमा.............माँगू पकर पायनिया।
तरसि गई अखियाँ दरस दिखावौ,"प्यारी"..........नैन-उर भरयौ गगरिया।
Comments
Post a Comment