देख अली लली मुसकानि
देखि अली लली मुस्कानि।
अलि सम चपल आप पिय प्यारौ,ज्यू बैठे कुसुम रहै लुभानि।
अति दबै चाप पराग लौ आवै,रहै मीठे बैनन सौ फुसलानि।
अरि चिर सेवक प्यारी अली तेरौ,रस सेवत सदा रहै अकुलानि।
रस नोंक-झोंक करै दोऊ मीठी,"प्यारी"तीखै बैन हिय लिपटानि।
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