पिय की आज भली बनि आई।
पिय की आज भली बनि आई।
कित्त बूझै बीडा जौन बतावै,सोई पावै अधर धर दूसर खिलाई।
पिय जीतै तऊ प्यारी ख्वाए,अरु हारै तऊ प्यारी सौ पाई।
गए हारै पिय प्यारी सम्मुख,बीडा देवे ताई प्यारी अधर मिलाई।
दौऊ जीतै दोऊ हारै परै,"प्यारी" प्रेम की हार बडी सुखदाई।
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