मैं तो दरस दीवानी
मैं तो दरस दीवानी राधारमणा की।
मौल प्राण के मिलै जई देखन,तऊ जानू सस्तौ सौदा महंगा नी।
प्यास अथाह जे धारै दोऊ नैनन,दैखे जितनोई बाढे प्यास उतनौ ही।
कोटि जनम कम लगै दैखन मे,थकू नाही छकू नैना तकना पी।
रोम प्रति मिलै नैन यौ चाहू,"प्यारी" चहै इन अंग अंग भरना जी।
Comments
Post a Comment