रस भरै परै रस की सैजा।
खुलत पट रहे मिले ओर गाढै,मिलिकै दोऊ हुए एक तैजा।
सरकत सेज सो सरकि गई चूनर,लटकि गई पट पिय प्यारी अंसा।
छिटकै छूटै से बल वेणि कै,"प्यारी" डगमग चलै दोउ हंसनि हंसा।

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