विश्वास
विश्वास
कौन साधे मारग पंछी कौ।
कौन सडक जल मीन बनावै,पथ पंछी कौन बनावै जी।
तैसेई प्रीती मारग आयै,कौनहु राह सुझावै जी।
जोई गिरतै कौ उठाहिए,जोई बिगरै काज बनावै जी।
सौई साहिब हमकू राह बतावै,सौई मारग अंध दिखावै जी।
सतगुरू किरपा भली होहिए,जोरी झोरै जान सिखावै जी।
बलि बलि जावू युगल चरणा हौ,प्यारी बलिहि जावै जी।
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