आनि जल फुवारे

आनि जल फुवारै बैठे आरस मे।
बिथुरी अलक बूंदनि यौ चमकै,ज्यौ चमकै तारै नभ कारस मे।
खिलै अधखिलै कमल जल परै,गिरे वारि सुमधुर सा वाद्य बजै।
खग पर सौ जल उलचै,पिय प्यारी के अंगनि आन सजै।
हसै सिहरै लिपटै द्वौ परस्पर,ज्यू शिशु द्वौ आपस लाड-लडाई।
रीझत भीझत रस प्रेम से,"प्यारी" रिझ रिझ लैवे इनकी बलाई।

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