दए लाल नील-सुन्दरी
दए लाल नील-सुन्दरी बनाए।
कंचुकी सारी धार सर घूंघट,कहे प्यारी देओ मौहे सजाए।
बेसर संग टीकौ नथ हारावली,मिला भाल दई बेँदी ही रचाए।
हसै नाहि देखि गहन गंभीरा,तऊ कियौ ऐसो पिय उपाय।
ओट करि घूंघट नयन झुकाकै,देख प्यारी ओर यौ पिय लजाए।
हसि प्यारी खिल खिलकै फूली,"प्यारी" हसै पिय प्यारी कौ हँसाए।
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